रौतहट, माघ २८, २०७४ बज्जिका भाषामे किताव निकालेके लेल विहान सोमवारके दिन गौरके सिया पैलेस होटलमे बज्जिका भाषाके जानकार लोगके बोलावलगेल हए । युएसएआईडि आ विश्व शिक्षाके सहयोग आ आरडिसी नेपालके सहकार्यमे निकले जारहल बज्जिका भाषा कितावके विषयमे छलफलके लेल विहा सबेरे ८ बजे सिया पैलेस होटल गौरमे बज्जिका भाषाके विकासके लेल निरन्तर कलम चलावेवला लोगके भेला होएके लेल बोलावलगेल हए । बज्जिका भाषामे किताव लिखेके लेल २२ जने लेखकके आवश्यकता रहल हए । बज्जिका भाषाके उत्थान आ विकासके लेल निरन्तर कलम चलावेवला रौतहटके राम सागर साह, भृग यादव, दिनेश संगम, गोपाल दास आ हम ओम प्रकाश यादव निकलेवला बज्ज्किा कितावके लेखक रहेके जानकारी कराएल जाईत हए । विहान होएवला बैठकमे बज्ज्किा लिखेवला आ बोलेवला ३० जने व्यक्तिके बोलाएलगेल हए । उपस्थित होएवला बज्ज्किा भाषाके जानकारसव आ ईनेवलिंग राईटर प्रोजेक्टके कर्मचारीसव विच बज्जिका कितावके कईसन शब्द राखेके हए से विषयमे विचार विमर्श होएवला हए ।
बज्जिका भाषामे किताव निकालेके लेल गौरमे दु दिने तालिम भेल सम्पन्न
रौतहट, माघ २८, २०७४ बज्जिका भाषामे किताव निकले जारहल हए । प्रदेश नं २ के बालबालिकासवके लेल बज्जिका आ भोजपुरी भाषामे किताव निकले जारहल हए । विश्व शिक्षाके सहयोगमे स्कुलसे बाहर रहल बालबालिकासवके सहलियतके लेल बज्जिका भाषामे किताव निकले जारहल हए । विश्वभरमे अभि भि बहुत अर्बो बालबालिका स्कुलके पहुचसे बाहर रहल हए । लईकासव स्कुल नजाएके बहुत कारण मध्ये एगो भाषाके समस्या भि रहल अध्ययन देखएले हए । भाषा भि नबुझलाके चलते बालबालिकासव स्कुल जाएसे बञ्चित रहल देखलगेल हए । नेपालमे खासकके नेपाली भाषामे हि पढाई होखले, हिमाल पहाडके सभि बच्चा लईकेसे हि नेपाली बुझलासे ओकनिके भाषाके समस्या नरहले लेकिन तराई मधेशके रौतहट सहितके जिल्लामे बेसी बज्जिका भाषा हि बोलल जाले जौनाके चलते ईहाके बालबालिका नेपाली कम बुझले आ बज्जिका बेसी बुझले, लेकिन ईहाके स्कुलसवमे हि नेपाली भाषामे हि पढाई होएलासे बच्चासव नेपाली भाषा नबुझलासे भि स्कुल जाएके नचाहले, ओहिसे प्रदेश नं २ के रौतहट, पर्सा, बारा सर्लाही लगाएतके जिल्लाके बालबालिकाके बुझेवला भाषा बज्ज्किामे किताव निकालेके विश्व शिक्षा तयारी कएले हए । विश्व शिक्षा ईहाके स्थानीय भाषा बज्जिकामे हि किताव निकालके बच्चासवके उपलब्ध करावेके योजना बनएले हए । स्थानीय भाषामे किताव निकालके स्कुलके पहुचसे बाहर रहल बालबालिकाके स्कुलमे लेआवेके विश्व शिक्षा कार्यक्रमके लक्ष्य हए । बज्जिका भाषामे निकलेवला किताव अनलाईनमे भि रखाएवला हए । ब्लूम स्फटवेर प्रयोग कके उ किताव निकले जारहल हए । ब्लूम स्फटवेर मार्फत निकलेवला किताव ईन्टरनेटके माध्यमसे विश्वके कौनो भि कोनासे पढल जासकले । विश्व शिक्षाके सहयोग आ आरडिसी नेपालके सहकार्यमे बज्जिका भाषामे किताव निकालेके लेल बज्जिका भाषाके जानकार लोगके २ दिन तालिम भि देलगेल हए । बज्जिका भाषाके कितावके लेल आरडिसी नेपालके कार्यालय गौरमे काल्हुएसे शुरुरहल तालिम आजु सम्पन्न भेल हए । तालिममे बज्जिका भाषाके उत्थान आ विकासके लेल निरन्तर कलम चलावेवला रौतहटके राम सागर साह, भृग यादव, पत्रकार दिनेश संगम, गोपाल दास आ हम ओम प्रकाश यादवके सहभागिता रहल रहे । तालिममे सहभागिसवके बज्जिका भाषाके किताव निकालेके जिमेवारी देलगेल हए । तालिममे बज्जिका भाषाके किताव कईसे स्फटवेर प्रयोग कके निकालेके हए से सिखावल गेल हए ।
श्रीपञ्चमीके अवसरमे रौतहटमे आजु सरस्वति माताके श्रद्धा आ भक्तिपूर्वक कएलगेल हए पुजा
रौतहट, माघ ८ गते । आजु माघ ८ गते श्रीपञ्चमी यानिकी सरस्वति पुजा, विद्याके देवी सरस्वति माताके पुजाआजा कके मनाएलगेल हए । विद्याके देवी सरस्वति माताके आजु हर स्कुल, टिउसन आ घरघरमे पुजा कएलगेल देखलगेल हए । स्कुल आ टिउसनपर पढेवला विद्यार्थीके साथे और काममे पेशामे संलगन व्यक्ति भि आजु धुमधमासे सरस्वति माताके पुजा कएले हए ।
आजु सरस्वति माताके पुजा कएलापर सरस्वति माता खुस होके विध्या देवले से जनविश्वासके साथ हरेक साल श्रीपञ्चमीके दिन सरस्वतिके विशेष पुजाआजा कएलजाईअ । सरस्वति पुजाके अवसरमे रौतहटके बहुत स्कुलमे आजु सांस्कृतिक जईसन विभिन्न कार्यक्रमके भि आयोजना कएलगेल रहे । हिन्दू आ बौद्ध दर्शनमे ज्ञानके देवीके रुपमे पूजा होएबाला सरस्वतीके पूजाके तयारी कुछ दिन पहिलहीसे कएलगेल रहे । विद्या, ज्ञान, कला, साहित्य, संगीत, गायन, नृत्य, चित्र लगातयके क्षेत्रमे लागल लोग सरस्वतीके पूजा अपने किसिमसे करेके प्राचीन परम्परा रहल हए । हर साल माघ महिनाके शुक्ल पक्षके पञ्चमीके दिन सरस्वतीके मूर्ति, फोटो चाहे कापी, कलम राखके पूजा करेके चलन हए । कला क्षेत्रमे लागल लोग सरस्वतीके प्रतीकके रुपमे कुचीके ही पूजा करइअ । कलाके कौनो क्षेत्रमे लागल लोगके लेल एगो महान पबनीके रुपमे रहल श्रीपञ्चमीके दिन विद्यार्थी लोग अत्यन्त धुमधामके साथे श्रद्धा आ भक्तिपूर्वक पूजा करेके चलन हए ।
रौतहटके शिवनगरमे लागल श्रीपञ्चमी मेला देखेला आ भोलेबाबासे दर्शन करेला दर्शनार्थीके लागल भिडभाड
श्रीपञ्चमीके अवसरमे आजु रौतहटके धार्मिक स्थल शिवनगरमे भारी श्रीपञ्चमी मेला लागल रहे । मेला देखे आजु सबेरेसे साझतक लाखो आदमी शिवनगर पुगल रहे । मेला देखे आवेवला भक्तजनसव शिवनगरमे रहल महादेव मन्दिरमे भोलेबाबासे दर्शन भि कएले हए । भोलेबाबासे दर्शन करेके लेल शिवनगरमे आजु आदमीसवके बहुते धाकाधुकि होएके साथे बहुते भिरभार समेत लागल देखलगेल रहे । रौतहट जिलाके सबसे लमहर मेलाके रुपमे रहल शिवनगरस्थित शिवनगरमे भोलेबाबासे दर्शन करेला बहुते कामरनाथु भि उमरल रहे । जल ढारे हजारो कामरनाथु शिवनगरमे आएल हए । एतना ठंढीमे भी हजारो कमरनाथुके अनाइ बहुत आश्चर्यजनक हए । हर साल अत्यन्त दुख आ कष्ठ सहके हजारो कमरनाथु करिब एक महिनातक विभिन्न स्थानपर विभिन्न यज्ञ करइत शिवनगरमे पहुँचल हए । एतना जाढके बाबजुद भि कमरनाथु लोग शिवनगर धाममे दर्शन करे आएल देखलगेल रहे ।
विश्वविजेता इंग्ल्याण्ड : चार वर्षको कडा मेहनतले पूरा गर्यो ४४ वर्षको प्रतीक्षा
आइसिसी क्रिकेट विश्वकपको जन्मदाता इंग्ल्यान्डले तीन पटक फाइनलमा स्थान बनाए पनि उपाधि जित्न सकेको थिएन।
इंग्ल्यान्ड सन् १९७९को फाइनलमा वेस्ट इन्डिजसँग हारेको थियो।
१९८७ र १९९२ को फाइनलमा स्थान बनाए पनि इंग्ल्यान्ड उपविजेतामै सीमित बन्यो। इंग्ल्यान्डलाई १९८७ मा अस्ट्रेलिया र १९९२ मा पाकिस्तानले हराए।
सन् १९९६ मा क्वार्टरफाइनलबाट घर फर्किएको इंग्ल्यान्ड १९९९ मा त समूह चरणबाटै बाहिरियो। २००३ मा पनि इंग्ल्यान्ड प्रदर्शन खराब रह्यो। इंग्ल्यान्ड लगातार दोस्रो पटक समूह चरणबाट बाहिरियो।
सन् २००७ मा इंग्ल्यान्ड सुपर-८ बाट अघि बढ्न सकेन। २०११ मा श्रीलंकासँग क्वार्टरफाइनलमा पराजित हुँदा इंग्ल्यान्डको विश्वकप यात्रा निरन्तर खराब बन्न पुग्यो।
सन् २०१५ मा इंग्लिस टिम झनै कमजोर देखियो। समूह चरणबाट बाहिरिने क्रममा इंग्लिस टिमले ६ मध्ये ४ खेल गुमाएको थियो।
सन् २०१५ को लज्जास्पद हारपछि इंग्लिस टिममा परिवर्तन गर्न थालियो।
नयाँ अवधारणासहित इंग्ल्यान्ड एन्ड वेल्स क्रिकेट बोर्डको निर्देशकमा पूर्वक्रिकेटर एन्ड्रिउ स्ट्राउसलाई नियुक्त गरियो।
जसको परिणामस्वरूप इंग्लिस टिम चार वर्षको अवधिमा नम्बर एक एकदिवसीय टिम बन्न सफल भयो।
सन् २०१९ को क्रिकेट विश्वकपको आयोजक इंग्ल्यान्डलाई प्रतियोगिताको दाबेदारको रूपमा लिइयो। किनकी औसत जित र औसत रन प्रहारमा इंग्लिस टिम अग्रपंक्तिमा थियो।
चार वर्षको मिहिनेत अन्तत: इंग्ल्यान्डले आइतबार पाएको छ।
४४ वर्षको इतिहासमा पहिलो पटक विश्वकप जितेको इंग्ल्यान्डले रोमाञ्चक फाइनल खेलमा न्युजिल्यान्डलाई पछि पार्यो। यससँगै उसले यसअघि खेलेका सबै फाइनल हारेको खराब इतिहास पनि तोडेको छ। यसअघिका तीन वटै फाइनलमा लक्ष्य पछ्याउने क्रममा पराजित भएको इंग्ल्यान्डले ‘रन चेज’ को खराब इतिहास पनि भंग गरेको छ।
विश्वकप क्रिकेटको ४४ वर्षको इतिहासमा इंग्ल्यान्ड नयाँ तथा छैटौं च्याम्पियन बन्न सफल भयो।
सन् १९७५ मा इंग्ल्यान्डबाट सुरु भएको विश्वकपको अस्ट्रेलियाले सर्वाधिक पाँच पटक (१९८७,१९९९, २००३, २००७ र २०१५) उपाधि जितेको छ। वेस्ट इन्डिज (१९७५ र १९७९) र भारत (१९८३ र २०११) २-२ पटक च्याम्पियन बनेका छन्। पाकिस्तान (१९९२) र श्रीलंका (१९९६) ले १-१ पटक उपाधि उचाल्ने अवसर पाएका छन्।
पछिल्लो चार वर्षमा इंग्लिस टिममा परिवर्तन ल्याउन मैदान बाहिरको गतिविधिले प्रभाव पार्यो। इंग्लिस क्रिकेटका पूर्व निर्देशक एन्ड्रिउ स्ट्राउसको अवधारणाले टिमलाई सशक्त बनायो।
कप्तान इयान मोर्गान र प्रशिक्षक त्रेभर बेलिसले खेलाडीलाई मैदानभित्र नयाँ खालको स्वतन्त्रता दिएका थिए। जसका कारण खेलाडीले खुलेर खेल्न पाए। खासगरि इंग्ल्यान्ड ब्याटिङ मजबुत बन्यो। सुरूआती चार खेलाडीको प्रदर्शन अब्बल देखियो। यद्यपी फाइनलमा उनीहरूले अपेक्षाअनुरुप खेल देखाउन सकेनन्। ओपनरद्वय जासन रोए र जोनी बायरस्टो आउट भएपछि जो रूट र इयान मोर्गानले पनि न्युजिल्यान्डको चुस्त बलिङसामू खुलेर खेल्न सकेनन्।
सुरूआती ब्याट्सम्यान चल्न नसकेपछि मध्यक्रमका बेन स्टोक्सले इंग्लिस इनिङ सम्हाले। जसले फाइनल खेल रोमाञ्चक बनेको थियो।
इंग्ल्यान्डका लागि युवा बलर जोफ्रा आर्चरको पनि प्रदर्शन पनि महत्वपूर्ण सावित भयो।
इंग्लिस टिमका सबैभन्दा कम अनुवभी खेलाडी भए पनि आर्चरले इंग्लिस बलिङ आक्रमणको नेतृत्व गरे। उनले इंग्ल्यान्डका लागि बढी विकेट लिने क्रममा २० वकेट हात पारे। विश्वकप २०१९ मा सर्वाधिक विकेट लिने खेलाडीमा उनी तेस्रो स्थानमा रहे। फाइनल खेलको सुपर ओभरमा उनको कसिलो बलिङले इंग्ल्यान्डलाई पहिलो पटक च्याम्पियन बनायो।
विश्वकपअघि इंग्लिस टिम आइसिसी वरीयतामा पहिलो स्थानमा थियो। सुरूआती खेलमा राम्रो खेल पनि बीचमा भने इंग्ल्यान्ड बाहिरिने खतरामा पुगेको थियो। श्रीलंका र अस्ट्रेलियासँग लिग चरणमा हार्दा इंग्ल्यान्डमाथि तीव्र दबाब परेको थियो।
तर त्यसपछि लगातार खेल जित्दै इंग्लिस टिम फाइनलमा पुग्न सफल भयो। खासगरी इंग्ल्यान्डले समूह चरणमा भारत र सेमिफाइनलमा अस्ट्रेलियालाई हराएर आफू विश्वकपको दाबेदारको रूपमा प्रस्तुत गरेको थियो।
रानी चटर्जीके विजोड प्रस्तुती साथे ऐतिहासिक गरुडा सांस्कृतिक कार्यक्रम भव्यता पूर्वक सम्पन्न
रौतहट, जेठ १३ । रौतहटके जिल्लाके ईतिहासमे पहिलबे अन्तराष्ट्रिय स्तरके रौतहटके गरुडा सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न भेल हए । गरुडामे पहिलबेर आयोजित गरुडा सांस्कृतिक कार्यक्रम ऐतिहासिक भव्यता पूर्वक सम्पन्न भेल हए । अन्तर्राष्ट्रिय जगतमे ख्यातिप्राप्त कलाकार लोगके उपस्थितिमे पहिलबेर रौतहटमे आयोजित गरुडा सांस्कृतिक कार्यक्रममे हजारो हजार दर्शकके सहभागिता रहल रहे । तीन सयसे बेसी भोजपुरी सिनेमामे नायिकाके रुपमे अभिनय करचुकल भोजपुरी फिल्मके सबसे चर्चित नायिका रानी चटर्जी आ आइटम क्वीन सीमा सिंहके विशेष प्रस्तुति रहल कार्यक्रममे भव्यताके साथ सम्पन्न भेल हए । कार्यक्रममो नेपाली तथा भोजपुरी, मैथिली आ बज्जिका कलाकारके प्रस्तुतिसे कार्यक्रम ऐतिहासिक बनल रहे । बज्जिका भाषा आ सस्कृतिके संरक्षण आ विस्तार करेला कार्यक्रमके आयोजना कएलगेल आयोजक समितिके संयोजक कलाकार विजय यादव निर्बिज जानकारी करएले रहलन ।. कार्यक्रमके उदघाटन करइत गरुडा नगरपालिकाके मेयर इन्नु राय यादव गरुडा सांस्कृतिक कार्यक्रमसे संस्कृतिके संरक्षणमे बल पुगेके बतएलन । नेपाल टेलिकमके प्रस्तुतिमे एस राज प्रोडक्सनके आयोजना तथा निर्बिज टीम प्रोडक्सनके सहयोगमे आयोजित कार्यक्रममे आएल प्रसिद्ध नायिका रानी चटर्जी नेपालमे अपन पहिल स्टेज शो रहल जानकारी करएले रहलन । कार्यक्रममे नेपालके चर्चित म्यूजिक डाईरेक्टर एवम् गायक संतोष राज, सेलीना कुवँर, सुनिल पंडित कोरियो ग्रफिर अर्जुन जिसी लगायतका कलाकारसव अपन प्रस्तुती कएले रहलन ।
मुख्यमन्त्री राउत जनकपुरके पक्की सडकमे लगएले छत झारु
जनकपुर,असोज १६ । प्रदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत जनकपुरके सडकमे झारू मारले छत । १४९ औँ गाान्धि जयन्ती आ अन्तराष्ट्रिय अहिंसा दिवसके अवसरमे आजु सवेरे जनकपुरके भानुचोकसे मुरलीचोकतकके सडकमे मुख्यमन्त्री राउत झारू लगएले छत ।
महात्मा गान्धी फाउण्डेशन नेपाल आ सभेद हिस्टोरिकल जनकपुरके संयुक्त आयोजनामे भेल सरसफाई कार्याक्रम भेल है । सरसफाई कार्याक्रममे मुख्यमन्त्री रायतसंगे आयोजक संस्था सेभ द हिस्टेरिकलके अध्यक्ष समेत रहल प्रदेश सांसद रामअशिष यादव, विभिन्न संघसंस्थाके प्रतिनिधि, विद्यालयके विद्यार्थी, समाजसेवी लगायतके सहभागिता रहल ।
निजगढ विमानस्थलके नाममे मधेसके गाछी नषट करेके नमिलल : मुख्यमन्त्री राउत
जनकपुर,असोज १२ पुदेश २ के मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत निजगढ विमान स्थलके नाममे मधेशके जंगल काटेके नमिलल बतएलन ।
हरित प्रदेश अन्त्रगत शुक्रबारके सबेरे पर्साके पर्सागढी गाउँपालिका स्थित सबैया जंगलमे गाछीरोपइत मुख्यमन्त्री राउत विमानस्थलके डीपीआर नबनेतक गाछी काटेके नमिलि बतएलन । विमानस्थलके डीपीआर नबनेतक प्रदेश सरकार गाछी काटेनदेम, मुख्यमन्त्री राउत कहलन, माफियासब डीपीआर न तयार कके गाछी काटेके शक्ती लगारहल है ।
हरित प्रदेश अभियान देखावटी नहोके प्रदेशके पहिचान बनावेके अभियान रहल हुन बतएलन । प्रदेश २ सरकार शुक्रबार प्रदेश २ मे ५० हजार बिरुवा रोपले छत । प्रदेश सरकारके मन्त्रीसब प्रदेशके ८ जिल्लामे एकेै साथ गाछी रोपाएल है ।
भौतिक पूर्वाधार विकास मन्त्री जितेनद्र सोनाल बाराके फेटा गाउँपालिका खैरातीमाइ समुदायिक वनमे गाछी रोपले छत ।रौतहटमे कृक्षि राज्य मन्त्री योगेन्द्र राय,सर्लाहीमे मामिला तथा कानुन मन्त्री ज्ञानेन्द्र यादव,सिरहामे आर्थिक मामिला तथा योजना मन्त्री विजय यादव आ सप्तरीमे राज्य मन्त्री उषा यादवके नेतृतवमे गाछी रोपाएल रहे ।
प्रदेशके ८ जिल्लामे ८÷८ हजार गाछी रोपेके योजना है । प्रदेश सरकार अपना निति आ कार्यक्रममे समेटल ‘हरित प्रदेश योजना’ कार्यान्वयनके क्रममे आशिन १२ गते एक दिने प्रदेश भरमे ५० हजार गाछी रोपेके निर्णय कएले रहलन ।
स्वच्छ वातावरणके लेल हरित प्रदेश योजनाके सार्थकता देके गाछी रोपलन सरकारके प्रवकता एवम् आन्तरिक मामिला आ कानुनमन्त्री यादव बतएलन ।
बंगलादेश पाकिस्तनके हरावइत फाइनलमे
काठमाडौँ , असोज ११ । बंगलादेश पाकिस्तानके ३७ रनसे हरएले है आ एसिया कपके फाइनलमे पुगल है ।पकिस्तानके दुनिज खान घातक बलिङ कएलाके बाद बंगलादेशके सुरुवात खराब रहे ।
लेकिन,मुस्फिकर रहिमके १९ रनके महत्वपूर्ण पारीसाथे बंगलादेश ७ बल रहते सब विकेट नोक्सान करके २३९ रन बनएले रहे । पाकिस्तानके जुनिद खान मात्रे १९ रन देके तीन विकेट लेले रहलन ।
मैदानमे उत्रल पाकिस्तानके भि सुरुवात खराब रहे । लगातार विकेट गुमाके पाकिस्तान इमाम उलहलके ८३ रन पारिके बाबजुद ९ विकेट गुमाके २०२ रन मात्रे बनावे सकल ।
बंगलादेशके मुस्तफिजर रहमान ४३ रन देके ४ विकेट हात मारलन ।
चुनाव प्रचार चलढ परवान, उम्मेदवारलोग बनलन अत्यन्त व्यस्त
राैतहट, भादाे २७ । मध्यरौतहटके अधिकांश नगरपालिकाके उम्मेदवारलोग अत्यन्त व्यस्त देखलगेल हए । निर्वाचन अब बहुत लगमे अएलाके कारण लोग पूरे व्यस्त देखलगेल हए । सम्पूर्ण दलके उमेदवार दिनरात मतदाताके अपना पक्षमे तानेला हर प्रयास कररहल देखलगेल हए । गरुडा नगरपालिकाके लेल मेयर पदके नेपाली काँग्रेससे उम्मेदवार सुनील यादव, उपमेयरके उमेदवार रंगीला देवी जयसवाल नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघके पूर्व सदस्य धर्मनाथ प्रसाद जयसवालके साथे पार्टीके सम्पूर्ण टिम जिंगडिया आ विर्तामे मतदातासे भेटघाट करइत अपना पक्षमे भोट देबेला आग्रह कएले छत । माधव नारायण नगरपािलकामे मेयर पदके नेपाली काँग्रेससे उमेदवार शंकर यादव फुलबरिया आ लौकाहामे अपन प्रचार अभियान केन्द्रित करइत मतदातासे अपना पक्षमे भोट देबेला आग्रह कएले छत । गरुडा नगरपालिकाके मेयर पदके लेल संघीय समाजवादी फोरम नेपालसे उमेदवार इन्दु यादव महम्मदपुर आ भीमडाबरके मतदातासे भेटघाट कएले छत । अइसही नेकपा माओवादी केन्द्रसे मेयर पदके उमेदवार विपिन जयसवाल पिपरिया, भीमडाबर आ पोठियाहीके मतदातासे भेटघाट करइत अपना पक्षमे मतदान करेला आग्रह कएले छत । माधव नारायण नगरपालिकाके लेल संघीय समाजवादी फोरम नेपालसे मेयर पदके उमेदवार वीरेन्द्र यादव मानपुर आ विशुनपूर्वामे अपना टिमके साथ पुगके भोट मगले छत । कटहरिया नगरपालिकाके लेल नेकपा माओवादी केन्द्रसे मेयर पदके उमेदवार सियाराम कुशवाहा फिरोज हथियाही, बहादुरपुर आ कटहरियाके मतदातासे अपना पक्षमे मतदान करेला आग्रह कएले छत । अइसही फोरमसे मेयरके उमेदवार जवाहार यादव कटहरियाा बगही आ बलुवाके मतदातासे भेटघाट करइत अपना पक्षमे भोट देबेला आग्रह कएले छत । फतुवा विजयपुर नगरपालिकाके लेल नेकपा माओवादी केन्द्रसे मेयर पदके उमेदवार सुरेन्द्र यादव सन्तपुर, बैरगनिया आ शीतलपुरके मतदातासे अपना पक्षमे भोट देबेला आग्रह करइत भेटघाट कएले छत । फतुवा विजयपुरके ही मेयर पदके लेल फोरम उमेदवार अजय यादव भैसही आ मेवाके मतदातासे भेटघाट करइत अपना पक्षमे मतदान करेला आग्रह कएले छत ।
मधेशीके अव और इन्तिजार करवनाई देशके अखण्डता उपर धावा बोलनाई हए :- दिनेश संगम
दिनेश संगम परापुर्व कालसे मधेशी जनताके गुलामी करावेमे सक्षम खस पहाडी सासक वर्गके कारण ही आज २१ वाँ सताव्दीमे नेपालके नाकाबन्दी जइसन परिस्थित भोगके परल देखल गेल हए । विज्ञ सवके अनुसार मधेशी अव गुलामीसे निकल चुकल हए, जेकरा कअनो भी शक्ति फेरसे गुलामीके जनजीरमे जकड नसकईत हए, ईबात अभि भि खस पहाडी सासक लोग नबुझाके कारण देशमे मानवीय संकटके उत्पती भेल हए ।
विगत २०४६ साल से ही मधेशी गुलामीसे निकलेके रास्ता बनवईत आएलासे अभि आके २१ वाँ सताव्दीके समय मधेशी जनता सफल भेल हए, जेकरा फेरसे उ रास्ताके टोडेके प्रयासमे रहल सासक वर्ग, लेकिन अव असम्भव होचुकल हए जे नेपाल सरकरके खव पहाडीया सासक लोग अटेरी कररहल अवस्थाके कारण भारतसे परापुर्वकालके नाता भी टोडेके सम्भावाना बढईत जारहल हए त, मधेशभी पहाड हिमालसे नाता तोडेके ओर उनमुख होईत देखल गले हए । सावनसे शूरु मधेश आन्दोलन मधेशी जन जनमे अईसन छाप बनादेले हए की मधेशके डेढ वरिषके बच्चासे बुढा तकमे मधेशी एकता जिन्दावाद, मधेशीके मागँ पुरा कर, जईसन नाराके बुलन्दी होनाई मधेश अव गुलामीसे निकल्ल सहज रुपमे महसुस कएल जा सकईत हए । संचारके विकास साथे जनताके भी विकाश भेल अभितक नेपालके सासक लोगके सायद मालुम नभेल जइसन लागल हए । अभिके प्रसंग देखल जाएत हर समय मधेशके दवावेके आ बदनाम करके नियतसे विभिन्न सरकार आ गैर सरकारी केन्द्रीय मिडियाके प्रसारित सामाचरके मधेशी जनता पुर्ण रुपमे पहिचान कर रहल देखल गेल हए । पहाडीया सासक लोग अपन ओहदा भुलके सिधा राता रात दिन प्रति दिन विदेश या विदेशी एम्वेसीमे दौडलापर भी कओनो प्रकारके मेडिया वाजी नहोएके आ मधेशी नेता लोग एक दिने कओनो समय कोनोके बोलएलापर विदेश या विदेशीके एम्वेसीमे गेला पर सरासर देश द्रोही काम भेल टिप्पणीसे मधेशी जनतामे और भी पहाडी सासक और मिडीया प्रति आक्रोसिम देखल जाईअ । ओहीसे देश बचावेला पहाडी सासकके मधेशी जनता आ मधेशके भावन बुझेके जरुरी रहल देखल गेल हए । अभिके रवैयाके कारण नवलपुरके विरोध सभा देखला पर अगर मधेशी मोर्चा जनताके नियन्त्रणमे नलेले रहईत त सासकके सारा सासन उहेसे छिनेके आ अपने देश बनावेके सुरुआत हो गेल रहईत । सासकके पुलीस प्रशासनके धजिया उडामेमे मधेशी जनता सक्षम होचुकल हए, सायद ई बात सासक बुझे नकरहल हए । जनतामे मोर्चा प्रति लम्हर दवाव आएल श्रोतके दावी रहल हए की, अव अइसे आन्दोलनक कएलासे मधेशीके अधिकार नमिलेवाला हए, आन्दोलनके रुप परिवर्तन करके मधेशके २२ जिल्लाके अपना कव्जामे लेके अपन सरकारके गठन प्रति मधेशी जनताके झाव बढईत जारहल देखल गेल हए ।
समग्र मधेशमे शान्ति तवहिए देशमे शान्ति जइसन नारा विगतमे भि लागल हए, अभि भी लाग रहल ए प्रति समग्र देशके जनता या सासकके सोचनाई जरुर रहल हए । मधेशीके अव और इन्तिजार करवनाई देशके अखण्डान उपर धावा बोलनाई हए । सासक वर्ग पृथ्वी नारायणके सासन विद्यि अपनावेके कोशिसमे उनमुख हए, जे कभि भी कामयाव होएके काअनो सम्भावना हए । प्रशासन प्रमुख, सेना प्रमुख मधेशके अवस्थामे वारेम बहुत पहिलेसे हि अवगत करारहल हए की हमनी मधेशीके दाववेमे नाकामयाव छि, कओनो भी सर्तमे देशके हितके लेल मधेशीसे अधिकार आ साथ लेले चलेला प्रष्ट रुपमे जानकारी करएले अवस्था, जेकरा सासक वर्ग अटेरी कर रहल हए जेसे नेपाल अव विखण्डन होएके ओर जारहल देखल गेल हए । सासक लोगके ई लागल हए की, मधेशी जनता विखण्डन कारी हए , मधेशी आन्दोलन मधेशी मोर्चाके कुच्छ नेताके कारण होरहल हए, ई सव सोचनाई भुल हए । मधेशी जनता कभि ई सोचमे नहए की मधेश देश बने, अधिकार सम्पन्न नेपाल देशही रहे जहाँ हमनीसे ईज्जत आमदके साथ व्यवहार होए । ई मधेश आन्दोलन समग्र मधेशी जनताके आन्दोलन हए जेकरा अधिकार विन शन्ति नकए जासकईत हए । अभि भि सासक वर्ग मधेशीके मागँ अविलम्भ पुरा करनाई जरुर रहल देखल गेल हए । मधेशी कभि भी अपने नेपाल छोडेके नसोची ई भी विश्वास कनाई एकदमे जरुर रहल हए । सासक से जादाँ मधेशीमे नेपाल देश भत्ती अभिके परिस्थितसे सहजे अनुमान कए जा सकईत हए । सासक वर्ग अपन घरके झगडाके अपनेमे मिलावे से जादाँ वारमवार परोसीके सरण लेलसे सासव वर्गके केतना देश भक्त हए आ मधेशी मोर्चा केतना देश भक्त हए ई समग्र नेपाल देश वासीके भी सोचनाई जरुर रहल हए ।